KYC क्या है? KYC के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में 2021

KYC Kya Hai : अगर आप Kyc के बारे में जानना चाहते है तो आप सही जगह पर आए है, हम आपको इस लेख में Kyc Kya Hai इसके बारे मे पूरी जानकारी देंगे। आज के समय में Kyc का उपयोग हर क्षेत्र मे बढ़ता जा रहा है। तो चलिए जानते है कि Kyc क्या है?

KYC Kya Hai? – KYC क्या होता है?

KYC Kya Hai? KYC के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में 2021

आप सोचते होंगे की Kyc क्या है, तो हम आपको बताते की Kyc का मतलब होता है, Know Your Costumer इसका अर्थ यह हुआ अपने ग्राहक को पहचानना। तो आपको इसका अर्थ समझ आ ही गया होगा! आपने Kyc के बारे में अवश्य सुना होगा की अधिकतर Kyc की आवश्कता वित्तीय संस्थानों में होती है।

जैसे कि आप किसी बैंक में जब अपना खाता खुलवाते है, तो वहा आपकी Kyc होंगी नही, तो आपको अपने Address प्रूफ के लिए Document और नाम के लिए कुछ Document जमा करने होते है।

जब हम म्यूचुअल फंड अकाउंट शुरू करवाते है, तो बैंक लॉकर्स व म्यूचुअल फंड खरीदते है। तभी दोस्तो हम से बैंक या कंपनी द्वारा हमारे पहचान वाले Document मांगे जाते है।

यह सब के अलावा भी हमे Kyc अपकी आवश्यकता होती है। जैसे की हम जब अपने मोबाइल के लिए Sim Card खरीदते है तब वहा भी हमसे Document मांगे जाते है, तो हम अपनी पहचान के लिए वहा अपना आधार कार्ड देते है, जिससे ये सुनिश्चित होता है कि इसे भी हम kyc ही कहते है।

बैंको और वित्तीय कंपनी के लिए Kyc बहुत ही आवश्यक है, जैसा कि हम जानते है की बैंको में कंपनियों में धोखाधड़ी बहुत ही होते है। ऐसे धोखाधड़ी और लूटपाट से बचने के लिए दोस्तो Kyc आवश्यक हो गई है। Kyc करवाने से आदमी की पहचान सुनिश्चित हो जाती है, और उसने आदमी के बारे में सारी जानकारी उपलब्ध भी हो जाती है। 

हमारे लिए Kyc करवाना बहुत ही जरूरी बन चुका है। आजकल बैंको में बहुत ही धोखाधड़ी से लाखो रुपए एक खाते से दूसरे खाते में ले लेते है। Kyc से धोखाधड़ी से लूटपाट की संभावना बहुत कम हो जाती है।

KYC के लिए आवश्यक Documents :

KYC करवाने के लिए कुछ आवश्यक Document की आवश्यकता होती है:

KYC करवाने के लिए हमे अपने आधारकार्ड, पैनकार्ड, परिचयपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, राशनकार्ड, बिजली का बिल, वर्तमान समय की पासपोर्ट, एक फोटो व फोटो साधारण होनी चाहिए सेल्फी फोटो Document के लिए नहीं ली जाती है।

आप लोग सोचते होंगे कि आधार कार्ड से KYC कैसे करवाते होंगे, तो हम आपको बता दे कि हमारे आधारकार्ड में सारी जानकारी दी होती है। इससे यह सुनिश्चित होता है, की Kyc करवाने से हम धोखाधड़ी से बच सकते है। 

कोई भी बैंक कंपनी से संबंधित जानकारी होंगी तो हमारे मोबाइल पर मैसेज आयेगा तो आपको भी Kyc करवाने के लिए यह सारे आवश्यक Documents कि जरुरत पड़ती है। अभी तक आपने KYC Kya Hai इस विषय में कुछ जानकारी प्राप्त की है। आइए अब हम जाने की KYC करवाना क्यों आवाश्यक हैं?

KYC करवाना क्यों आवाश्यक हैं?

Kyc की जरूरत वित्तीय संस्थानों में अधिकतर पड़ती है। यह वित्तीय संस्थानों के लिए बहुत ज्यादा ही आहिमियत रखता है और महत्वपूर्ण है। क्योंकि हम बैंको में जब अपना खाता खुलते है और उसमे जब Kyc होता है तब ही हमे उनसे लोन के लिए आवेदन दे सकते है। बिना Kyc के हम लोन के लिए आवेदन नहीं कर सकते है। 

जैसा कि हम ये बात तो बहुत अच्छी तरह से समझते है, आजकल इतना ज्यादा भ्रष्टाचार लूटमार धोखाधड़ी हो रहा है। उससे बचने के लिए Kyc करवाना जरूरी है, जिससे यह सुनिश्चित हो जाता है, की जिस आदमी का खाता खुला है, वही है की नही, कही वह किसी और के नाम से तो खाता नही खुलवा रहा है और आदमी कहा का है, वह कितने वर्ष का है, इससे फिंगर अपडेट भी हो जाती है, इससे कोई भी आदमी दुरुपयोग नहीं कर सकता है। 

आजकल इतना ज्यादा बैंक हैकिंग लूटमार धोखाधड़ी के केस हमारे सामने आ रहे है, इसलिए हम सबको Kyc करवाना बहुत ही आवश्यक हो गया है। Kyc करवाने से हम अपनी पहचान और पता सुरक्षित करवा लेते है। यह सुविधा बैंको और कंपनियों और हमारे लिए भी सुरक्षित होता है, इसलिए हमे Kyc करवाना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है।

Kyc की प्रक्रिया से बैंको को बस नही हमारे लिए भी सुरक्षित होता है। इससे यह प्रमाण हो जाता है, की यह हमारे नाम और पता से ही है हमारा ही खाता है धोखाधड़ी की कोई गुंजाइश ही नहीं होती है। 

इसमें हमे समय समय जैसे की 6 महीने या 1 वर्ष में अपना Kyc को Update करवाना चाहिए जिससे हमारे खाता का गलत उपयोग और धोखाधड़ी न की जाए। इसलिए हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है Kyc करवाना।

KYC के लाभ – 

बहुत सी बैंको में और वित्तीय संस्थानों में फील्ड वाले Officer को भेजकर Kyc करवाते हैं ताकि बाद में उपभोक्ता को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

इससे अपने वॉलेट में पैसे रखने की लिमिट 10,000 से 100,000 upgrade हो जाती है।

आप किसी अन्य बैंक या वॉलेट पैसे ट्रांसफर कर सकते है।

आपके वॉलेट अकाउंट से खर्च करने पर कोई सीमा नहीं होती। KYC में पार्टिकल फिजिंग उपभोक्ता पहचान स्थापित करता है। उपभोक्ता के गतिविधियों  के बारे में समझने में सहायता करता है।

इसका उद्देश्य यह रहता की उपभोक्ता के साथ छल कपट या  धोखाधड़ी की कोई गुंजाइश न हो।

पहला उद्देश्य यह सत्यापित करता है, की उपभोक्ता के धन का स्त्रोत वैध नहीं हो।

KYC की नीति –

हा Kyc एक नीति ही है जिससे हमे उपभोक्ता को लाभ होता है और जोखिम धोखाधड़ी जलबाजी से बचा जा सकता है।

KYC के कुछ अंग जैसे कि, 

उपभोक्ता की पहचान

उपभोक्ता की पहचान प्रकिया के लिए कुछ कागजात होते है, जिससे यह सत्यापित हो जाता है की यह हमारा ही खाता है और हमारी पहचान भी हो जाती है और सुनिश्चित हो जाता है।

लेनदेन की देखभाल 

दोस्तो हमे बैंक के लेनदेन में बहुत ही सहायता मिलती है। Kyc करवाने से जब भी हमारे खाता से कोई भी जुड़ी जानकारी होती है तो आजकल हमारे मोबाइल में मैसेज आ जाता है जिससे हम धोखाधड़ी से बच जाते है।

धोखा धडी लूटपाट को रोकना

Kyc की नीति से धोखाधड़ी को पूरी तरह से रोका जाता है इसके जोखिम की मात्रा बहुत ही कम हो चुकी है।

उपभोक्ता की रजामंदी 

इसमें ग्राहकों को रजामंदी से उन्हें निम्न उच्च मध्यम में बटा जाता है।

उपभोक्ता का जो Kyc का रिकॉर्ड होता है वह सेंटल Kyc रजिस्ट्री द्वारा अनकीय गणित डिजिटल रूप से संभाल के सुरक्षित रखी जाती है। जिसका वक्तिगत वस्तुगत स्वामित्व और नियंत्रण केंद्र सरकार के पास होता है।

हमे उम्मीद है, की आपको KYC की नीति समझ आ गई होंगी। अगर आपको हमारे द्वारा KYC Kya Hai के बारे में दी गई जानकारी पसंद आई तो आप इस लेख को अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ जरूर सांझा करें ताकि वह भी KYC के बारे में विस्तार से जान सकें धन्यवाद दोस्तों इस लेख को पढ़ने के लिए।

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