रोजा रखने की दुआ और रोजा खोलने की दुआ : हिंदी में जाने

रोजा रखने की दुआ और रोजा खोलने की दुआ : हिंदी में जाने

Roza Rakhne Ki Dua Aur Roza Kholne Ki Dua Hindi नमस्कार दोस्तों, हमारे देश में सभी तरह के त्यौहार एक साथ भाईचारें और प्यार से मनाये जाते हैं। इन त्योहारों में दिवाली, ईद, क्रिशमस इतियादी शामिल होता हैं। हमारे देश में ईद भी धूम धाम से मनाई जाती हैं। 

ईद के साथ देश में यह त्यौहार मनाने के लिए हमारे देश के मुसलमान भाई रोजा भी रखते हैं। क्या आप जानते हैं की रोजा क्या होता हैं ? और रोजा रखते समय और खोलते समय किस प्रकार की दुआ बोली जाती हैं। अगर आपको इसके बारे में ज्यादा जानकारी नही हैं तो आप इस लेख में अंत तक बने रहे। 

इस लेख में आपको इसी के बारे में बताया जाएगा और इससे सम्बंधित पूरी जानकारी दी जायेगी। 

रोजा क्या हैं ? 

सामान्य शब्दों में रोजा अल्लाह की इबादत करने का एक तरीका हैं। रोजा रखने का मतलब केवल भूखा रहने से नही हैं बल्कि इसमें पानी पीने से भी बचना चाहिए। पेट का अलावा पुरे शरीर का रोजा होता हैं जैसे हमारी आंख का रोजा, जुबान का रोजा, कान का रोजा, हाथ का रोजा, पांव का रोजा आदि।

रोजा खोलने की दुआ :

रोजा खोलने समय ही कई तरह की दुवायें करनी होती हैं. यह दुवायें किस प्रकार से की जाती हैं और दुआ में क्या कहा जाता हैं इसके बारे में भी जानने चाहिए. 

नियते रोजा :

“व बि सोमि गदिन नवई तु मं शहरि रमजान” 

इसका सामान्य भाषा में अर्थ होता हैं “तजुर्मा – मैंने माह रमजान के कल के रोजे की नियत की हैं”

इफ्तार से पहले की दुआ :

“अल्लाहुम्म लका सुम्तु व अला रिजकिका अफतरत”

इसका सामान्य भाषा में अर्थ होता हैं “तजुर्मा – ऐ अल्लाह! मैंने तेरी रजा के लिए र रोजा रखा और तेरी ही रज्कक पर इफ्तार खोल रहा हूँ.”

इफ्तार खोलते समय :

“अल्लाहुम-म-ल-क सुम्तु व अला रिज्क-क अफ्तुर्त”

इसका सामान्य अर्थ होता हैं “तजुर्मा – प्यास चली गई और रगें तर हो गई और इंशाल्लाह सवाब साबित हो गया.”

रोजा रखने की दुआ :

“व बि सोमि गदिन नवई तु मिन शहरि रमजान”

रोजा रखने की दुआ अंग्रेजी में 

“Wa bisawmi ghadin nawaitu min shahri ramadan”

इसका अर्थ होता हैं “मैंने माह रमज़ान के कल के रोजे की नियत की है। “

रोजा खोलने की दुआ :

“अल्लाहुम्म लका सुम्तु व अला रिजकिका अफतरत”

इसका अंगेजी अनुवाद “Allahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alaika tawakkaltu wa ‘ala rizq-ika aftartu”

इसका सामान्य मतलब होता हैं “ऐ अल्लाह। मैंने तेरी रजा के लिए रोजा रखा और तेरी ही रज्कक पर इफ़्तार खोल रहा हूं.”

जरूरी बातें :

इस लेख में हमने आपको रोजा रखने की दुआ और रोजा खोलने की दुआ के बारे में अधिक से अधिक जानकारी देने की कोशिश की है यदि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई तो आप इस लेख को अपने सभी दोस्तों और परिवार वालों में जरूर सांझा करें ताकि वह भी रोजा रखने की दुआ और रोजा खोलने की दुआ के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकें।

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